Monday, August 31, 2009

ज़रूरत है प्रयास की !!

सीमेंट की इमारतें और खचाखच भरी सड़कें हैं,

आसमान का नीलापन धूमिल-धुंधला सा है,

असमंजस की स्तिथि है,

इतने विशाल शहर की भीड़ में हर इंसान अकेला है,

जीवन का उद्देश्य केवल जीवन यापन है ,

नित्य कर्म की निवृति को समझ लिया खुशी का समागम है,

मिलना- जुलना, हँसना - खेलना केवल एक सतही आदत है,

झाँक केर देखो भीतर ह्रदय में तो असीम - निराकार खोखलापन है,

अन्तर-निरंतर मैं भी इस भीड़ का हिस्सा बन चुकी हूँ,

क्षितिज तो दूर अपने आसमान से भी कट चुकी हूँ,

होठों पर मुस्कराहट और आंखों में खुशी का भ्रम है,

अपने अंतर्मन में प्रतिदिन ये अभिनीत कर पाना बड़े जीवत का श्रम है,

क्यों हम इस चक्रव्यूह से बाहिर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढते,

क्यों अपने ही असत्य की कैद से रिहाई नहीं चाहते,

क्या भय है , ऐसी क्या मजबूरी है,

पूछो स्वयं से, प्रश्न उठाओ,

इस मृगतृष्णा के रंगमंच पर क्या कठपुतली बन कर जीवन होम कर देना, इतना ज़रूरी है..........?

प्रयत्न करो, ये विश्वास जगाओ, अपने ही विचारों को ध्वनि देने से कभी न घबराओ,

जीवन पूर्ण करने हेतु जनम नहीं लिया इस पृथ्वी पे,

अपनी सोच को आकार देना अत्यन्त ज़रूरी है,

जीवन अमूल्य है, इसे मिथ्या के चंगुल से खींच निकालो,

nirbhay , निडर, निश्छल हो कर स्वयं को झिंझोड़ डालो,

निर्भय, निडर, निश्छल हो कर इंसानियत से हाथ मिला लो ,

जीते तो सभी हैं,

तुम अपने जीवन को एक मिसाल बना लो, तुम अपने जीवन को एक मिसाल बना लो!!

***"सुमन "को कोटि-कोटि धन्यवाद, इस विडियो को सम्भव करने के लिए!!

7 comments:

Pal said...

I wont just say amazing and comment on it...this poem deserves much more then one word appreciation...its not easy to pour out your feelings in a way that all of us identify with it...i do feel that way lot of times Nidhi but i am not talented like you so i borrow others words to express mine...also your language is so pure..its like drinking a glass full straight from gangotri..keep sharing.

A Blushing Tulip said...

absolutely amazing. I could relate to every word of it. I wish I could express my thoughts as you do. Hats off to you.. keep writing..

-richa

SRT said...

Suman ---

WOah!! I am blown away!!I can easily relate to the feelings u have penned down..but putting those feelings on paper ...you Did it girl!!I mean excellent choice of words..u drove home the point awesomly!!Touched my heart!!I love you!!Keep it coming baby!

Pal said...

...Jeevan ke is manthan se agar vish nikalta hi toh aise amrut ke pyaaalee bhi nikalte hai.

SRT said...

Hey Thankyou buddy....its just baby kind of job...will try to do much better next time.[;)]YOu keep your pen rolling!--------Suman

Myself said...

Simply amazing.U have put your thoughts so beautifully.Seems like I was reading my thoughts in ur words.Keep them pouring........

garima said...

tooo good...toched...